असंतुष्ट कार के दुनिया में मौजूद बा जेतना कि असल में जीप निहन ट्रांसअटलांटिक। आधुनिक रैंगलर के विनम्र रैंक के बावजूद जीआईपीपी के सुरुआत दुसरा बिस्व जुद्ध के दौरान बिदेसी सेना खातिर परिवहन के दवाई के रूप में भइल। जब अगिला विश्वयुद्ध के दौरान दुनिया के सबसे बड़ सेना के बहुउद्देशीय वाहन के जरूरत रहे त ओकरा अइसन गाड़ी के जरूरत रहे जवन लगभग कवनो सतह के संभाल सके|विलिस जीआईपीपी में कवनो अलंकरण नइखे आ एकरा के व्यावहारिकता के ध्यान में राखत असाधारण तरीका से बनावल गइल बा. जीआईपीपी रॉक सॉलिड सस्पेंशन अवरू उबड़-खाबड़ सवारी के संगे बहुत ठोस देखाई देता। माना कि स्टीयरिंग बहुत अलग नईखे, लेकिन रिव्विंग मोटर हर गियर में सही खींचता। इ सैसी छोट गाड़ी सही मायने में अमेरिकी सेना के ओर से एकरा प जवन विश्वास कईले रहे, ओकरा प खरा उतरल। इतिहास से: 1940 अमेरिकी सेना 1.4 टन के पेलोड क्षमता वाला सुपर-कॉम्पैक्ट फोर व्हील ड्राइव ट्रक के इच्छा प्रकाशित कईलस। बंटम के विकास पर जोर दिहल गइल। 1941 फोर्ड बैंटम आ विलिस फैक्ट्री में उत्पादन शुरू भइल। युद्ध के पूरा समय खातिर 650 जीआईपीपी एलएलसी के उत्पादन भइल। 1945 विलिस अपना सिविलियन सीजे-2ए रूप में जीआईपीपी के उत्पादन जारी रखले बा जबकि नया जीआईपीपी स्टेशन वैगन विदेश में पहिला स्टील बॉडी वाला स्टेशन वैगन बन गइल। युद्ध के बाद के वेरिएंट 1950 के जीआईपीपी 4x4 पिकअप ट्रक रहे। 1948 सिविलियन जीपस्टर के पेश कईल गईल जवना में सफेद साइड वाला टायर, चमकदार पेंटवर्क अवुरी लग्जरी टच दिहल गईल। 1955 लंबी दूरी के मॉडल सीजे 5 के जन्म भईल।1970 में कंपनी के एएमसी अपना कब्जा में ले लेलस।




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April 20, 2026 00:49:35 +0300 GMT
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